गुण्डागर्दी
'क्यो बे,...... क्या नाम है तेरा ? 'दरोगा जी ने अपनी भयंकर मूछे मरोड़ते हुए पूछा था।
उत्तर मिला-'हजूर,..... गयादीन कहते हैं !
'गयादीन की तलाच्ची में, दरोगा जी ने बीस रूपय,े बरामद किये और फिर सवाल दागा -........ 'हरामखोर, बता, ये रुपये कहां से आये, गुण्डागर्दी की कमाई खाता है.......।'
सवाल के साथ ही, बूट की एक जोरदार ठोकर-गयादीन के पेट पर लगी थी, उसने रिरियाते हुए कहा-.........'हजूर, सच जानिये,....... दो दिन की मजदूरी के रुपये लाया था, गुण्डागर्दी नही करता....।'
दरोगा जी ने बीस रुपये अपनी जेब के हवाले कर, गयादीन को उपदेच्चा-'..........चल भाग, आगे से गुण्डागर्दी मत करना,..... साला........... बदमाच्च...।'
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